Category: Harivansh Rai Bachchan

Harivansh Rai Shrivastav alias Bachchan (Hindi: हरिवंश राय बच्चन) (27 November 1907 – 18 January 2003), was a noted Indian poet of Chhayavaad literary movement (romantic upsurge) of early 20th century Hindi literature.


Jivan Mein Ek Sitara Tha

जीवन में एक सितारा था
माना बेहद वो प्यारा था
यह डूब गया तो डूब गया
अम्बर के आनन को देखो
कितने इसके तारें टूटे

Continue Reading

Jivan Ki Apadhapi Mein

जीवन की आपाधापी में कब वक़्त मिला
कुछ देर कहीं पर बैठ कभी यह सोच सकूँ
जो किया, कहा, माना उसमें क्या बुरा भला।

Continue Reading

Hai Andheri Raat Par Diva Jalana Kab Mana Hai

कल्पना के हाथ से कमनीय जो मंदिर बना था
भावना के हाथ ने जिसमें वितानों को तना था

स्वप्न ने अपने करों से था जिसे रुचि से सँवारा
स्वर्ग के दुष्प्राप्य रंगों से, रसों से जो सना था

Continue Reading

Kshana Bhar Ko Kyo Pyar Kiya Tha?

अर्द्ध रात्रि में सहसा उठकर,
पलक संपुटों में मदिरा भर,
तुमने क्यों मेरे चरणों में अपना तन-मन वार दिया था?
क्षण भर को क्यों प्यार किया था?

Continue Reading

Tha Tumhein Maine Rulaya!

हा, तुम्हारी मृदुल इच्छा!
हाय, मेरी कटु अनिच्छा!
था बहुत माँगा ना तुमने किन्तु वह भी दे ना पाया!
था तुम्हें मैंने रुलाया!

Continue Reading

Lo Din Bitaa, Lo Raat Gayi

लो दिन बीता, लो रात गई,
सूरज ढलकर पच्छिम पहुँचा,
डूबा, संध्या आई, छाई,
सौ संध्या-सी वह संध्या थी,
क्यों उठते-उठते सोचा था,
दिन में होगी कुछ बात नई।
लो दिन बीता, लो रात गई।

Continue Reading