Tenali Raman Stories In Hindi

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तेनाली राम Tenali Raman 1509-1529 में विजयनगर साम्राज्य के राजा कृष्णदेव राय के दरबार में एक 1509-1529 था | अकबर के नवरत्नों की तरह तेनालीराम Tenali Raman भी राजा कृष्णदेव राय के दरबार के अष्टदिग्गज में से एक था| वो जन्म से शैव था लेकिन बाद में उसने वैष्णव धर्म अपना लिया और अपना नाम रामकृष्ण कर दिया| शैव और वैष्णव उस समय में हिन्दू धर्म के दो विपरीत विपरीत संप्रदाय थे|

तेनाली राम Tenali Raman का जन्म 16 वी सदी के आरम्भ में तेलगु ब्राह्मण परिवार में हुआ था| ऐसा माना जाता है कि उनका जन्म आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के एक तेनाली नामक एक नगर में हुआ था| तेनाली के पिताजी गरलाप्रति रमय्या तेनाली नगर के रामालिंगेश्वर स्वामी मन्दिर में पुजारी थे| उसके पिता की मौत के बाद तेनाली राम को उसके चाचा ने पाला था| उसके जाति के धार्मिक रीती रिवाजो के कारण उन्हें शिक्षा नही दी गयी|

Tenali Raman तेनाली राम “भगवत मेला” नाम के एक प्रसिद्ध मंडली के साथ विजयनगर पहुचे| उसके प्रदर्शन से प्रसन्न होकर कृष्णदेवराय ने उसे अपने दरबार में हास्य कवि के रूप में रख लिया और बाद में वो अष्टदिग्गज में शामिल हो गये| ऐसा माना जाता है कि तेनाली राम ने अपनी बुद्धि और रणनीति से समय समय पर विजयनगर साम्राज्य को दिल्ली सल्तनत से बचाया था| बुद्धिमता के मामले में तेनाली राम Tenali Raman की बीरबल से तुलना कर सकते है और बीरबल की तरह तेनाली राम धनवान नही था|

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तेनालीराम के चरित्र की यह खासियत थी कि वो कभी भी बड़े से बड़े शत्रु के आगे हारा या झुका नही था| हमेशा उसके पास एक ऐसा छिपा हुआ दांव रहता था जिससे विरोधियो के छक्के छुट जाते थे| इसके अलावा तेनालीराम के पास जनता के विश्वास का सबसे बड़ा बल था| वो हर बार राजा कृष्णदेव राय को हवाई बातो से बचाकर अपनी जमीन और जनता के दुःख दर्द से जुड़े रहने को प्रेरित करता था| इसके लिए वो हास्य का भरपूर इस्तेमाल करता था| तेनालीरमा अपने समय का सबसे बुद्धिमान व्यक्ति था जिसका हमेशा अपने समय, समाज और प्रजा के हालात की नब्ज पर हाथ रहता था|

तेनाली राम Tenali Raman के काव्य पांडूरंगा महात्यम को तेलुगु साहित्य के पांच महान काव्यो में एक गिना जाता है| तेनाली राम Tenali Raman के जीवन पर तेलगु और तमिल भाषा में नाटक भी रचे गये| कार्टून नेटवर्क पर तेनाली राम के जीवन के काल्पनिक घटनाओ को ‘The Adventures of Tenali Rama’ कार्टून सीरीज में बताया गया|

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Who is the Biggest among King and Queen?

Once upon a time king Krishnadeva Raya was enjoying a nice time with the Queen. They are talking about Tenali Rama's witty answers. The king told that in our kingdom no one is as wittiest as Tenali Rama. The Queen then told the king Krishnadeva Raya that you invite Tenali Rama for the meal, I will win over Tenali Rama.

Lust Never Dies

एक बार दरबार में राजा कृष्णदेव रॉय ने एक मंत्री से पूछा मानव में काम-वासना कितनी उम्र तक रहती हैं | वहां मौजूद मंत्रिगण में से कुछ ने 28 साल की उम्र, किसी ने 50 साल की उम्र तक की बताई |

Tenali Raman the Cock in Hindi

एक दिन राजा कृष्णदेव राय ने तेनालीराम के उपहास के लिए अन्य लोगों के साथ मिलकर एक योजना बनाई | योजना के हिंसाब से सभी ने अपने जेबो में एक-एक अंडा रख लिया |

Tenali Raman’s Gift to the King Krishnadeva Raya in Hindi

विजय नगर के महाराज कृष्णदेव राय हर वर्ष अपना जन्म-दिन बडी धूमधाम से मनाते थे। उनके जन्म-दिन के अवसर पर सारे दिन महल में यज्ञ चलता, भंडारा चलता, शाम को सात पवित्र नदियों के जल से महाराज का अभिषेक किया जाता।
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